1. समय अमूल्य है ।
2. समय की बर्बादी : मोबाइल, आलस आदि
3. समय का सदुपयोग : टु डु लिस्ट, दैनिक दिनचर्या, टाइम मैनेजमेंट, संकल्प आदि
4. जीवन का परावर्तन हो जाना
पंच परिवर्तन
1. पर्यावरण : जल और ऊर्जा बचाना, हरियाली बढ़ाना, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करना, वाहन का उपयोग कम करना और सार्वजनिक वाहन का उपयोग करना,, इंग्लिश के 3 R का उपयोग करना : Reduce, Reuse, Recycle
राष्ट्र का निर्माण — हमारी भूमिका
1. राष्ट्र निर्माण केवल सरकार का काम नहीं, समाज की भी जिम्मेदारी।
2. अच्छे नागरिक बनना: अनुशासन, स्वच्छता, नियमो का
पालन, घर और समाज की जवाबदारी आदि ।
3. “मुझे क्या मिलेगा?” की जगह “मैं क्या दे सकता हूँ?”
का दृष्टिकोण।
4. जाति भेद , भाषा भेद को हटाकर सनातन धर्म को मजबूत करना ।
5. अपने नायकों को याद रखकर उनसे सिखना जैसे छत्रपति शिवाजी महाराज, श्री गुरु गोबिन्द सिंह, भगत सिंह आदि
6. व्यसनों से दूर रहना जैसे बीड़ी,सिगरेट, शराब, तंबाकू, आलस, काम को टालना आदि।
स्व का बोध
गुरु पौर्णिमा उत्सव
परिवार प्रबोधन – सशक्त समाज
1. संस्कार – परिवार का मूल धर्म : बच्चे घर से ही सीखते हैं, वाणी, आचरण और व्यवहार के माध्यम से संस्कार देना ।
2. संवाद – संबंधों की संजीवनी : संवाद से दूरी यानि मन की दूरी, टीवी/ मोबाइल के कारण संवाद नहीं होता, कम से कम 30 मिनट संवाद होना चाहिए ।
3. परिवार की एकता – समाज की शक्ति : सयुंक्त परिवार यानि सामाजिक सुरक्षा, परिवार का टूटना यानि समाज का टूटना ।
4. धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का पालन : घर में त्योहार, पूजा आदि से बच्चों को संस्कार मिले ।
5. सामाजिक चेतना का केन्द्र : सेवा, सहयोग, स्वदेशी, स्वच्छता, पर्यावरण के संस्कार बनाएँ ।
शाखा खेल
चर्चा (समय का सदुपयोग) 1. समय अमूल्य है । 2. समय की बर्बादी : मोबाइल, आलस आदि 3. समय का सदुपयोग : टु डु लिस्ट, दैनिक दिनचर्या, टाइम...