चरित्र निर्माण
1. चरित्र क्या है ?
चरित्र आंतरिक और बाहरी व्यवहार दोनों को दर्शाता है।
आंतरिक व्यवहार जैसे नैतिकता, सत्यनिष्ठा, अनुशासन, धैर्य, शौर्य, साहस, त्याग आदि और बाहरी व्यवहार जैसे लोगो से बातचीत, नम्रता आदि
2. चरित्र निर्माण जरूरी क्यों ?
आज के युग में भौतिकवाद, भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता, स्वार्थ की भावना बढ़ रही है।
राष्ट्र की असली शक्ति उनके नागरिकों के चरित्र पर निर्भर करती है ।
बिना चरित्र के शिक्षा, धन या शारीरिक शक्ति व्यर्थ है।
3. चरित्र निर्माण के आयाम
बाहरी चरित्र : शारीरिक शक्ति, अनुशासन, लोगो से संपर्क करने की योग्यता आदि
आंतरिक चरित्र : एकाग्रता, त्याग, सकारात्मक सोच, सत्य कथन, निरंतर सीखना, सेवा, अहंकार का त्याग आदि
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