परिवार प्रबोधन – सशक्त समाज
1. संस्कार – परिवार का मूल धर्म : बच्चे घर से ही सीखते हैं, वाणी, आचरण और व्यवहार के माध्यम से संस्कार देना ।
2. संवाद – संबंधों की संजीवनी : संवाद से दूरी यानि मन की दूरी, टीवी/ मोबाइल के कारण संवाद नहीं होता, कम से कम 30 मिनट संवाद होना चाहिए ।
3. परिवार की एकता – समाज की शक्ति : सयुंक्त परिवार यानि सामाजिक सुरक्षा, परिवार का टूटना यानि समाज का टूटना ।
4. धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का पालन : घर में त्योहार, पूजा आदि से बच्चों को संस्कार मिले ।
5. सामाजिक चेतना का केन्द्र : सेवा, सहयोग, स्वदेशी, स्वच्छता, पर्यावरण के संस्कार बनाएँ ।
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