Tuesday, March 31, 2026

समाज जीवन में स्वयंसेवक का व्यवहार

 


समाज जीवन में स्वयंसेवक का व्यवहार

सूत्र :
 चरित्रशीलता और नि: स्वार्थता :
 पारदर्शी जीवन, बिना दिखावे का कार्य, सत्य, ईमानदारी का पालन,

विनम्रता और सेवाभाव :
अहंकार रहित जीवन, सेवा का भाव, छोटों के प्रति स्नेह और बड़ो के प्रति आदर, समाज की हर कठिनाई का समाधान करना

कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन :
 ज़िम्मेदारी को उत्तम ढंग से पूर्ण करना, समय का पालन करना और दूसरों से भी करवाना

सामाजिक समरसता का पालन :
 जाति, भाषा, प्रांत आदि के भेदभाव को न मानना, हिन्दू सारा एक यह विचार को मानना

नेतृत्व और प्रेरणास्त्रोत बनना : दूसरों के लिए प्रेरणा बनना, समस्याओं का समाधान करना ।

इसके अलावा स्वावलंबन, सकारात्मक दृष्टिकोण आदि भी व्यवहार के अंग हो सकते हैं

No comments:

Post a Comment

चर्चा (समय का सदुपयोग)

चर्चा (समय का सदुपयोग) 1. समय अमूल्य है । 2. समय की बर्बादी : मोबाइल, आलस आदि 3. समय का सदुपयोग : टु डु लिस्ट, दैनिक दिनचर्या, टाइम...