स्व का बोध
1. स्वदेशी :
क. विदेशी अच्छा और स्वदेशी ठीक ठीक यह मानसिकता बदलनी होगी।
ख. ख़रीदारी में सजगता
ग. तकनीकी में भी स्वदेशी
घ. स्वयं का आदर्श रखना
ग. नए नए प्रयोग करना स्वदेशी बढ़ाने के लिए
2. स्वभाषा : घर में, समाज में , मित्रों के साथ स्वभाषा का उपयोग करना।
3. स्वाधीन : हर बात में पश्चिम का अनुकरण न करना ।
4. स्वभोजन : पिज्जा, बर्गर आदि स्वास्थ्य के लिए उत्तम नहीं है ।
4. स्वभोजन : पिज्जा, बर्गर आदि स्वास्थ्य के लिए उत्तम नहीं है ।
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